दिव्य ज्ञान के साथ डिजिटल सुरक्षा का संदेश: बम्हनीडीह में गूंजा आचार्य अनिरुद्धाचार्य जी का ‘साइबर जागृति मंत्र’

हजारों श्रद्धालुओं ने लिया सुरक्षित डिजिटल व्यवहार का संकल्प, साइबर ठगी से बचने के बताए आसान उपाय.
जांजगीर-चांपा/बम्हनीडीह। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के माध्यम से आम लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम बम्हनीडीह में आयोजित विशाल धार्मिक समागम में सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने आध्यात्मिक संदेश के साथ श्रद्धालुओं को साइबर ठगी से बचने के महत्वपूर्ण उपाय बताए।
कथा मंच से आचार्य अनिरुद्धाचार्य जी ने कहा कि आज के डिजिटल युग में मोबाइल फोन और इंटरनेट हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। इनका सही उपयोग जीवन को आसान बनाता है, लेकिन थोड़ी सी असावधानी आर्थिक नुकसान और साइबर अपराध का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि विवेक, संयम और सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव की सबसे मजबूत ढाल है।
OTP और बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें
आचार्य जी ने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से समझाया कि बैंक खाता, एटीएम कार्ड, यूपीआई पिन, ओटीपी, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। बैंक या किसी सरकारी संस्था का अधिकारी बनकर फोन करने वाले लोगों से भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।
लुभावने लिंक और ऑफर से रहें सावधान
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर मिलने वाले लॉटरी, मुफ्त उपहार, फर्जी लोन, पार्ट-टाइम नौकरी अथवा अन्य आकर्षक ऑफर के लिंक पर बिना जांच-पड़ताल के क्लिक नहीं करना चाहिए। साइबर ठग अक्सर ऐसे ही लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।
संदिग्ध वीडियो कॉल और ब्लैकमेलिंग से बचने की अपील
आचार्य अनिरुद्धाचार्य जी ने अनजान नंबरों से आने वाली संदिग्ध वीडियो कॉल को लेकर भी श्रद्धालुओं को सावधान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के डर, धमकी या ब्लैकमेलिंग में आकर तत्काल पैसे नहीं भेजने चाहिए और ऐसी स्थिति में परिवार के सदस्यों तथा पुलिस को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
सोशल मीडिया की सुरक्षा भी जरूरी
उन्होंने लोगों से अपने फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप सहित अन्य सोशल मीडिया अकाउंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू रखने और प्राइवेसी सेटिंग्स को मजबूत रखने की अपील की। साथ ही अनजान लोगों को सोशल मीडिया पर निजी जानकारी, फोटो अथवा दस्तावेज साझा नहीं करने की सलाह दी।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल
आचार्य जी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करना जरूरी है। पीड़ित व्यक्ति राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क कर सकता है तथा cybercrime.gov.in के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा नजदीकी पुलिस थाना में भी घटना की जानकारी देने की अपील की गई।
कथा पंडाल में गूंजा साइबर जागृति का संदेश
बम्हनीडीह में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में जांजगीर-चांपा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा पंडाल में जब आध्यात्मिक संदेश के साथ साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी गई तो श्रद्धालुओं ने करतल ध्वनि से इसका स्वागत किया।
धार्मिक मंच से दिए गए इस जनहितकारी संदेश ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान के साथ डिजिटल सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने स्वयं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
