लाइट बंद तो पानी चालू, पानी चालू तो लाइट बंद — चांपा की जनता त्रस्त…


उग्र आंदोलन की चेतावनी,जनता परेशान, अधिकारी और ठेकेदार मालामाल..
चांपा। नगर में बिजली और पानी की आपूर्ति का तालमेल पूरी तरह बिगड़ चुका है। हालात ऐसे हैं कि जब पानी सप्लाई के लिए नल चालू होते हैं, तब बिजली बंद रहती है और जब लाइट रहती है, तब पानी का समय नहीं। इस अव्यवस्था ने चांपा की आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है।
दिन में 4 से 5 बार बिजली की आवाजाही अब आम हो गई है। कभी भी घंटों तक लाइट गुल हो जाती है। भीषण गर्मी और 46 डिग्री तापमान के बीच लगातार कटौती ने लोगों को हलकान कर दिया है। उमस, पसीना और अंधेरे में जूझ रहे नागरिकों का सब्र अब टूटता नजर आ रहा है।
बारिश पूर्व मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई, नतीजा यह कि वर्षों पुरानी समस्या जस की तस बनी हुई है। पिछले तीन-चार वर्षों से चांपा शहरवासी कटौती, लो-वोल्टेज और तकनीकी खराबियों से जूझ रहे हैं। न जनप्रतिनिधि कोई स्थायी समाधान दिला पाए, न ही विभागीय अधिकारी।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि जनता परेशान है, जबकि अधिकारी और ठेकेदार मालामाल। नागरिकों का कहना है कि उनकी पीड़ा से किसी को सरोकार नहीं, सब अपनी जेब गरम करने में लगे हैं।
इधर पानी की बर्बादी से सड़कें खराब हो रही हैं, तो उधर बिजली कटौती से पढ़ाई, व्यापार और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है,बीमार और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं।
अब चांपा की जनता जाग चुकी है। लोगों का साफ कहना है कि पानी और बिजली उनका अधिकार है और यह नियमित व संयमित रूप से मिलना चाहिए। यदि तत्काल सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की तैयारी की जा रही है। जनता ने दो टूक चेतावनी दी है—किसी भी अव्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।
जनता की मांगें स्पष्ट हैं— 24 घंटे विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। पानी सप्लाई का तय समय निर्धारित हो और उसका सख्ती से पालन हो।जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई हो। समस्याओं का स्थायी समाधान तुरंत लागू किया जाए।

