डिजिटल लॉकर में भविष्य, ‘क्रेडिट बैंक’ में जमा होगी पढ़ाई,छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में केंद्र की बड़ी सौगात…


NEP 2020 के तहत ‘एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ से छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की तस्वीर बदली
डिजीलॉकर एकीकरण से 6.5 लाख से अधिक छात्र लाभान्वित, अब हर छात्र के पास ‘डिजिटल यूनिवर्सिटी’
रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को मिली ‘एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ (ABC) और डिजीलॉकर एकीकरण योजना ने राज्य के उच्च शिक्षा परिदृश्य में ऐतिहासिक बदलाव ला दिया है। केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय से सत्र 2023–24 से लागू यह व्यवस्था वर्ष 2026 तक पूरी तरह परिपक्व हो चुकी है। इसके चलते अब राज्य का प्रत्येक छात्र अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखते हुए कहीं से भी, कभी भी आगे की पढ़ाई जारी रख सकता है।
ABC व्यवस्था के तहत छात्रों के शैक्षणिक क्रेडिट एक डिजिटल बैंक में जमा होते हैं। यदि किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छूट जाती है, तो भी छात्र के अर्जित क्रेडिट सुरक्षित रहते हैं। दो या तीन वर्ष बाद वह देश के किसी भी विश्वविद्यालय में सीधे उसी स्तर से पुनः प्रवेश ले सकता है। इसे “मल्टीपल एंट्री एंड एग्जिट” की सुविधा कहा गया है, जिसने विशेषकर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के छात्रों को नई उम्मीद दी है।
राज्य में यह डिजिटल व्यवस्था सभी 33 जिलों में प्रभावी हो चुकी है और इसके दायरे में 6.5 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हैं। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय तथा शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय सहित राज्य के सभी शासकीय व निजी महाविद्यालय इस प्रणाली से जुड़ चुके हैं।
डिजीलॉकर और नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (NAD) से एकीकरण के बाद छात्रों की डिग्री, अंकसूची और प्रमाणपत्र सुरक्षित रूप से ऑनलाइन उपलब्ध हो रहे हैं। ये डिजिटल दस्तावेज कानूनी रूप से मान्य हैं, जिससे नौकरी, प्रवेश और सत्यापन की प्रक्रिया सरल हो गई है। अब छात्रों को मूल दस्तावेज खोने या खराब होने की चिंता नहीं करनी पड़ती।
इस पूरी तकनीकी अवसंरचना के लिए केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा शत-प्रतिशत सहयोग दिया जा रहा है, जिससे राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ा है।
विशेष रूप से सुकमा, बीजापुर और सरगुजा जैसे सुदूर अंचलों के छात्रों के लिए यह योजना वरदान साबित हुई है। ABC ID के माध्यम से अब छत्तीसगढ़ का युवा राष्ट्रीय स्तर के उच्च शिक्षण संस्थानों से सीधे जुड़ रहा है। यह पहल केवल शिक्षा का डिजिटलीकरण नहीं, बल्कि राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य को नए पंख देने वाली क्रांति के रूप में देखी जा रही


