Chhattisgarh

जांजगीर-चांपा: आत्मदाह की चेतावनी के बाद प्रशासन हरकत में, बैठक के बाद पंचनामा तैयार—अवैध रेत उत्खनन पर सख्त फैसले

जांजगीर-चांपा जिले में अवैध रेत उत्खनन के मुद्दे पर 21 अप्रैल को हालात उस समय गंभीर हो गए जब एक पूर्व सरपंच ने आत्मदाह की चेतावनी दे दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन तत्काल हरकत में आया और थाना परिसर में एक अहम बैठक आयोजित की गई।

बैठक में तहसीलदार शशि भूषण सोनी, माइनिंग अधिकारी राजपूत एवं थाना प्रभारी ने संयुक्त रूप से प्रार्थी माधव प्रसाद डडसेना (पूर्व सरपंच) के साथ विस्तृत चर्चा की। प्रार्थी द्वारा दिए गए आवेदन में थाना के समक्ष जहर सेवन कर आत्महत्या करने की बात कही गई थी, जिस पर अधिकारियों ने संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए उन्हें समझाइश दी।

अधिकारियों ने अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दी और आगे ठोस व सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान खनिज विभाग के खनिज निरीक्षक राजपूत ने कहा कि उनके विभाग द्वारा पहले से ही लगातार कार्रवाई की जा रही है और आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।

वहीं तहसीलदार शशि भूषण सोनी ने कहा कि आज थाना प्रभारी, राजस्व एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम द्वारा थाना परिसर में बैठक कर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अवैध उत्खनन पर लगातार कार्रवाई जारी है और इसे और प्रभावी व बेहतर तरीके से कैसे लागू किया जाए, इस पर भी मंथन किया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी गलत कार्य में संलिप्त व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

प्रशासन की बात मानते हुए प्रार्थी ने आत्मघाती कदम नहीं उठाने का भरोसा दिया और अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा।

बैठक के बाद तैयार हुआ पंचनामा

बैठक के पश्चात सभी पक्षों की सहमति से एक लिखित पंचनामा तैयार किया गया, जिसमें अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

पंचनामा के प्रमुख निर्णय:

अवैध रेत उत्खनन व परिवहन पर सख्ती के लिए तरौद चौक, बनारी चौक और हथनेवरा चौक में खनिज नाका स्थापित किया जाएगा।

अवैध रेत भंडारण मिलने पर जब्ती की कार्रवाई कर रेत को नदी में डंप या नीलामी की जाएगी तथा संबंधित लोगों पर जुर्माना लगाया जाएगा।

खनिज, पुलिस और राजस्व विभाग द्वारा लगातार शिकायतों और स्व-संज्ञान के आधार पर कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

अवैध उत्खनन व परिवहन में संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पंचनामा पर प्रार्थी, प्रशासनिक अधिकारियों और उपस्थित कर्मचारियों के हस्ताक्षर किए गए, जिससे इस पर सहमति की औपचारिक पुष्टि हुई।

👉 फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इन फैसलों को जमीन पर कितनी सख्ती से लागू करता है और अवैध रेत कारोबार पर कितना प्रभावी अंकुश लग पाता है।

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