Chhattisgarh

चांपा में आज निकलेगी भगवान श्री अग्रसेन जी की भव्य शोभायात्रा…

11 अक्टूबर को ओम सिटी से दोपहर 3:30 बजे शुरू होगी शोभायात्रा, श्रीराम बाड़ा में होगा समापन; शाम 7 बजे मुख्य समारोह में जुटेंगे समाजजन…


चांपा। भगवान श्री अग्रसेन जी की जयंती के पावन अवसर पर अग्रवाल सेवा संघ, चांपा एवं अग्रसेन जयंती समारोह समिति द्वारा रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को भव्य शोभायात्रा एवं मुख्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर अग्रवाल समाज में उत्साह का माहौल है। समाज के पदाधिकारियों ने सभी अग्रबंधुओं से सपरिवार शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।


आयोजन के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, भगवान श्री अग्रसेन जी की भव्य शोभायात्रा दोपहर 3:30 बजे ओम सिटी से प्रारंभ होगी। शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए लायंस चौक, थाना चौक से श्रीराम बाड़ा पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा। शोभायात्रा के माध्यम से समाजजन भगवान श्री अग्रसेन जी के आदर्शों, सामाजिक एकता, भाईचारे और सेवा भावना का संदेश देंगे।


आयोजकों के अनुसार, अग्रवाल समाज के संस्थापक एवं श्रद्धेय कुलप्रवर्तक भगवान श्री श्री 1008 अग्रसेन जी की जयंती परंपरागत रूप से हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। इसी क्रम में 4 अक्टूबर से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है। जयंती के अवसर पर आयोजित शोभायात्रा में महिलाओं और बच्चों सहित समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।


शाम 7 बजे होगा मुख्य समारोह
शोभायात्रा के बाद शाम 7 बजे मुख्य समारोह आयोजित होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रायगढ़ के वरिष्ठ समाजसेवी राकेश अग्रवाल शामिल होंगे। विशिष्ट अतिथियों में चांपा के एसडीओपी लौकेश बंसल, समाजसेवी दिलीप अग्रवाल (भक्ता वाले) तथा रायगढ़ के वरिष्ठ समाजसेवी बजरंग अग्रवाल शामिल होंगे।


समाजजनों से सपरिवार शामिल होने की अपील
अग्रवाल सेवा संघ, चांपा एवं अग्रसेन जयंती समारोह समिति ने समाज के सभी सदस्यों से अपील की है कि वे 11 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे के बाद अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद कर शोभायात्रा में सपरिवार शामिल हों और आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान करें।

समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि भगवान श्री अग्रसेन जी के आदर्श समाज में समानता, सहयोग, सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं। जयंती समारोह समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

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