चांपा में शांति समिति की बैठक पर उठे सवाल: तय समय पर नहीं पहुंचे समिति सदस्य, प्रशासन-पुलिस और पत्रकार ही नजर आए…


त्योहारों से पहले बुलाई गई बैठक में पसरा सन्नाटा, कई समितियों की गैरमौजूदगी ने व्यवस्था पर खड़े किए सवाल…
चांपा। आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से चांपा थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का समय शाम 5 बजे निर्धारित किया गया था, लेकिन निर्धारित समय के करीब आधे,पौन घंटे बाद तक थाना परिसर में शांति समिति के अधिकांश सदस्य और पूजा समितियों के प्रतिनिधि नजर नहीं आए।
शाम करीब 5.30 बजे तक थाना परिसर में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, नगर पालिका चांपा अध्यक्ष, थाना प्रभारी और कुछ पत्रकार ही मौजूद दिखाई दिए। बताया गया कि आगामी त्योहारों को देखते हुए नगर एवं आसपास के विभिन्न समितियों के प्रतिनिधियों को बैठक में शामिल होने के लिए सूचना दी गई थी, बावजूद इसके निर्धारित समय पर अधिकांश समितियों के प्रतिनिधि बैठक में नहीं पहुंच सके।
बैठक की उपयोगिता पर उठने लगे सवाल-
शांति समिति की बैठक का उद्देश्य त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात, सुरक्षा, धार्मिक आयोजनों और आपसी सौहार्द को लेकर प्रशासन, पुलिस, जनप्रतिनिधियों एवं समितियों के बीच समन्वय स्थापित करना होता है। ऐसे में अधिकांश समितियों की गैरमौजूदगी को लेकर बैठक की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी सामने आ रही है कि यदि समितियों को बैठक के लिए सूचना दी गई थी, तो फिर निर्धारित समय पर उनके प्रतिनिधि क्यों नहीं पहुंचे? क्या बैठक की सूचना सभी समितियों तक समय पर पहुंची थी या फिर समितियों ने ही बैठक को गंभीरता से नहीं लिया? इन सवालों का जवाब सामने आना जरूरी है।
कितने स्थानों पर होंगे आयोजन, क्या पुलिस-प्रशासन के पास पूरी जानकारी?
त्योहारों के दौरान शहर में विभिन्न स्थानों पर पूजा एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में कितने स्थानों पर आयोजन होंगे, कौन-कौन सी समितियां आयोजन कर रही हैं और कार्यक्रमों का स्वरूप क्या रहेगा।
यदि इन आयोजनों को लेकर पुलिस-प्रशासन के पास पूरी जानकारी नहीं है, तो यह आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिहाज से चिंता का विषय हो सकता है।
