डोंगा घाट में कलेक्टर समेत जनप्रतिनिधियों ने किया श्रमदान, हसदेव तट पर दिया स्वच्छता का संदेश…


सेवा संकल्प अभियान के तहत चला विशेष स्वच्छता अभियान, “सेवा मेरा योगदान” पहल में नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर निभाई भागीदारी..
जांजगीर-चांपा, 02 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर स्वच्छता ही सेवा एवं सेवा संकल्प अभियान के तहत “सेवा मेरा योगदान” पहल को लेकर हसदेव नदी तट स्थित डोंगा घाट में विशेष स्वच्छता एवं श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों और नागरिकों के साथ स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया।
इस दौरान डोंगा घाट परिसर एवं हसदेव नदी तट के आसपास सामूहिक रूप से साफ-सफाई की गई। अभियान में शामिल लोगों ने कचरा एकत्र कर परिसर को स्वच्छ बनाने के साथ ही सार्वजनिक स्थलों और नदी तटों को साफ-सुथरा रखने का संकल्प लिया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी किया श्रमदान-
स्वच्छता अभियान में नगर पालिका चांपा अध्यक्ष प्रदीप नामदेव, उपाध्यक्ष अमरजीत खटकर, जिला पंचायत सदस्य राजकुमार साहू, संतोष थवाईत, महेंद्र तिवारी, संत सोनत, मंगलदास महंत, ईश्वर देवांगन, श्रीमती भगवती संतोष देवांगन, मंगल चंद देवांगन,बसंत चतुर्वेदी, नरेंद्र ताम्रकार, श्रीमती विनीता मोदी, किशोर मोदी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता निभाई।
इसके अलावा सीईओ जिला पंचायत विनय पोयाम, एसडीएम चांपा शशि चौधरी, नगर पालिका सीएमओ, तहसीलदार सहित अधिकारी-कर्मचारी एवं स्वच्छता दीदियां भी अभियान में शामिल रहीं।
नदी तट को स्वच्छ रखने का दिया संदेश-
अभियान के दौरान हसदेव नदी तट और डोंगा घाट परिसर को स्वच्छ रखने के साथ नागरिकों को सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने के लिए जागरूक किया गया। उपस्थित नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक श्रमदान में भाग लेते हुए स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
“सेवा मेरा योगदान” पहल का उद्देश्य स्वच्छता अभियानों में आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना और लोगों को अपने आसपास के सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित करना है। डोंगा घाट में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन ने श्रमदान, जनभागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
कलेक्टर ने कहा—स्वच्छता हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी-
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से अपने घर, आसपास के क्षेत्र, सार्वजनिक स्थलों और नदी तटों को स्वच्छ रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि कचरा निर्धारित स्थान पर ही डाला जाए और नदी एवं उसके आसपास के क्षेत्रों को प्रदूषित होने से बचाया जाए। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही स्वच्छता को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है। सामूहिक प्रयासों से स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।

