सामुदायिक पुलिसिंग और जनजागरूकता का असर: जांजगीर-चांपा में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में 23% की कमी…

जांजगीर-चांपा, 4 जून 2026- जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे व्यापक जनजागरूकता अभियान, प्रभावी पुलिसिंग और मीडिया की सतत निगरानी का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। जांजगीर-चांपा जिले में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में पिछले वर्ष की तुलना में 23 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात उदयन बेहार के नेतृत्व में जिलेभर में सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में मई माह तक सड़क दुर्घटनाओं में 127 लोगों की मृत्यु हुई थी, जबकि वर्ष 2026 में इसी अवधि में यह संख्या घटकर 97 रह गई है।
जिला पुलिस का कहना है कि यह उपलब्धि केवल पुलिस की कार्रवाई का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें जनता की जागरूकता और मीडिया की सचेतक भूमिका का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पुलिस द्वारा गांव-गांव पहुंचकर यातायात नियमों के पालन, हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ट्रिपल सवारी से बचने, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने और तेज रफ्तार पर नियंत्रण रखने के संबंध में लोगों को जागरूक किया गया।
दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर विशेष फोकस
यातायात पुलिस और संबंधित विभागों ने संयुक्त रूप से दुर्घटना संभावित स्थानों का निरीक्षण कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्य कराए। सड़क मरम्मत, चौक-चौराहों पर प्रकाश व्यवस्था, अवैध अतिक्रमण हटाने और दृश्यता बढ़ाने जैसे कदमों से सड़क सुरक्षा में सुधार हुआ है। साथ ही दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों के आधार पर लक्षित प्रवर्तन कार्रवाई भी की गई।
नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्ती
जिला पुलिस ने ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए पिछले पांच माह में 318 वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। पुलिस का मानना है कि इस सख्ती का भी दुर्घटनाओं में कमी लाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
रेडियम पट्टी अभियान बना मिसाल
राष्ट्रीय राजमार्गों पर रात्रिकालीन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए घुमंतू मवेशियों के गले में रेडियम पट्टियां लगाने की अभिनव पहल भी सफल साबित हो रही है। रात में वाहन की रोशनी पड़ते ही ये पट्टियां दूर से दिखाई देती हैं, जिससे वाहन चालक समय रहते सतर्क हो जाते हैं और दुर्घटना की संभावना कम हो जाती है।
जनता, पुलिस और मीडिया की साझी सफलता
जिला पुलिस ने इस उपलब्धि का श्रेय जनता की बढ़ती जागरूकता, मीडिया की निगरानी और पुलिस की सतत कार्रवाई को दिया है। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा को लेकर ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे ताकि दुर्घटनाओं और जनहानि में और अधिक कमी लाई जा सके।
“जागरूकता (जनता), कार्रवाई (पुलिस) और निगरानी (मीडिया) का समन्वय ही सुरक्षित यातायात की कुंजी है।”
“सुरक्षित यातायात, सुरक्षित जीवन” के संकल्प के साथ जांजगीर-चांपा पुलिस नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील कर रही है।


