Chhattisgarh

5 साल से हसदेव की रेत पर खेल? ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, 5 अक्टूबर को चक्काजाम की चेतावनी…

पूछेली के सिद्ध बाबा घाट में अवैध रेत उत्खनन के आरोप, कलेक्टर से शिकायत; 2 जेसीबी और 8 ट्रैक्टरों से खनन का ग्रामीणों ने लगाया आरोप..

जांजगीर-चांपा/बम्हनीडीह। बम्हनीडीह ब्लॉक के ग्राम पंचायत पूछेली में हसदेव नदी के सिद्ध बाबा घाट से कथित अवैध रेत उत्खनन का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब पांच वर्षों से घाट पर लगातार रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने अब प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 28 सितंबर 2026 को कलेक्टर जांजगीर-चांपा के नाम लिखित शिकायत सौंपी है।

ग्रामीणों के मुताबिक, ग्राम पिपरदा निवासी गेंदाराम पटेल, बिरजू पटेल, गोपाल पटेल और विरेन्द्र पटेल द्वारा दो जेसीबी और करीब आठ ट्रैक्टरों के जरिए कथित तौर पर रेत का उत्खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन में नदी घाट से रेत निकालकर डंप की जाती है और रात के समय हाइवा वाहनों के जरिए रेत को बिलासपुर, जांजगीर और सक्ती की ओर भेजा जाता है।

अधिकारियों से मिलीभगत का भी आरोप-
ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में संबंधित विभागीय अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि कथित रेत कारोबारियों की संबंधित अधिकारियों से मिलीभगत होने के कारण लंबे समय से यह गतिविधि जारी है और शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

हालांकि, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पंचायत प्रतिनिधियों पर भी उठाए सवाल-
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत पूछेली के सरपंच पति और कुछ पुरुष पंचों पर भी कथित मिलीभगत का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर कथित संरक्षण के चलते हसदेव नदी से रेत उत्खनन का सिलसिला जारी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित अवैध उत्खनन पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

कार्रवाई नहीं हुई तो 5 अक्टूबर को चक्काजाम-
ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 5 अक्टूबर 2026 तक कथित अवैध रेत उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई और मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्राम पूछेली में चक्काजाम किया जाएगा।
ग्रामीणों ने कहा है कि चक्काजाम की स्थिति निर्मित होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
अब ग्रामीणों की शिकायत पर जिला प्रशासन और खनिज विभाग क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button