म्यूल अकाउंट गिरोह पर साइबर थाना की बड़ी कार्रवाई, एक और आरोपी गिरफ्तार…


जांजगीर-चांपा | 25 जुलाई 2026
जांजगीर-चांपा साइबर थाना पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए देशभर में साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी निखिल पांडेय (26 वर्ष) निवासी ग्राम पचौरी, थाना सारागांव, वर्तमान निवासी शंकर नगर, चांपा के बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगों द्वारा किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि उसके म्यूल अकाउंट के माध्यम से ₹1,55,000 का लेन-देन हुआ था।
साइबर थाना की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कर्नाटक और महाराष्ट्र के तीन अलग-अलग साइबर ठगी मामलों में ₹1,62,149 की ठगी की राशि इन्हीं म्यूल खातों में ट्रांसफर की गई थी। आरोपियों ने कमीशन के लालच में अपने नाम से बैंक खाते खुलवाकर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए थे, जिनका उपयोग ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट ऐसा बैंक खाता होता है जिसे कोई व्यक्ति लालच या कमीशन के बदले साइबर अपराधियों को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध करा देता है। ऐसे खातों के माध्यम से ठगी की रकम एक खाते से दूसरे खाते में भेजी जाती है ताकि असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाए। कानून के अनुसार ऐसा खाता उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति भी अपराध का सहभागी माना जाता है।
पुलिस की अपील
साइबर थाना जांजगीर-चांपा ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, ओटीपी, पासवर्ड या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को रोकने या वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
